सौरव गांगुली हुए 50 साल के। Sourav Ganguly turns 50.

क्रिकेट की दुनिया में धुरंदर प्लेयर के रूप में पहचाने जाने वाले प्लेयर के रूप में सौरव गांगुली का नाम भी आता है जो की भारतीय क्रिकेट टीम के एक बेहतरीन प्लेयर रहे है आज उनकी उम्र ५० साल हो गयी है। भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक, सौरव गांगुली इस साल 8 जुलाई को 50 वर्ष के हो गए। भारतीय क्रिकेट टीम में इनको दादा के नाम से भी जाना जाता है। भरतिया टीम के क्रिकेट सौरव गांगुली को भरतीय टीम के दादा के नाम से जानते है तो आप समज ही सकते है की उनके लिए टीम के प्लेयर के दिल में कितनी जगह होगी। आज , यानि की 8 जुलाई को सौरव गांगुली का जन्मदिन है और आज के दिन उनकी उम्र 50 साल हो गयी है मतलब की दादा ने उम्र के हिसाब से भी हाफ सेंचुरी कम्पलीट कर ली है।

सौरव गांगुली तेजतर्रार बल्लेबाज, एक निडर नेता और एक महान गुरु थे हालाँकि अभी तक भी उन्हें क्रिकेट में बहुत सारे प्लेयर गुरु का दर्जा देते है जो की काफी सम्म्मान की बात है सौरव गांगुली एक left-handed batters थे जो की टीम के स्ट्रोक maker माने जाते थे।
बात करे उनके करियर की तो उन्होंने आपने करियर के दौरान 11363 रन 311 एकदिवसीय क्रिकेट मैच में बनाए थे और और टेस्ट मैच की बात करे तो उन्होंने आपने करियर के दौरान कुल 113 टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और कुल 7212 रन बनाये थे।

सौरव गांगुली क्रिकेट करियर।

वैसे तो क्रिकेट के फील्ड में सौरव गांगुली पहले से ही थे लेकिन जब 1996 में लॉर्ड्स में अपने यादगार टेस्ट डेब्यू के बाद सौरव गांगुली को टीम का कप्तान चुना तो टीम की परफॉरमेंस में काफी बदलाव देखने को मिले थे। और उसके बाद से टीम के मेम्बर और बाकि क्रिकेट प्रेमी भी सौरव गांगुली की महाराज या फिर दादा कहने लगे और 2000 के दौरान इनका ये नाम काफी चलता था। उनके कप्तान बनने के बाद में 2001 में भारत ने डेमोस्टिक टेस्ट मैच में जित हासिल करि थी जो की एक यादगार पल रहा है भारत के लिए।

हालाँकि उनके बारे में और भी बहुत सारे क्रिकेट से जुड़े हुए किस्से है जो की उनको क्रिकेट में एक लीजेंड के रूप में दिखाते है।

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